बगदाद. इराक में ईरान के सबसे ताकतवर कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मारने के बाद भी अमेरिका ने अपने ऑपरेशन नहीं रोके हैं। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी ड्रोन्स ने शुक्रवार देर रात उत्तरी बगदाद में शिया विद्रोही संगठन- पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (पीएमएफ) के काफिले पर हमला कर दिया। इसमें कम से कम 6 की मौत हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बगदाद के पूर्व में स्थित ताजी शहर में लोगों ने बम धमाकों की आवाजें भी सुनीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार देर रात ईरानी जनरल के खिलाफ कार्रवाई पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि जनरल कासिम को मारने का फैसला दोनों देशों के बीच संभावित युद्ध रोकने के लिए लिया गया, न कि शुरू करने के लिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के अचूक हमले से दुनिया के नंबर-1 आतंकी जनरल सुलेमानी की मौत हो गई। इसके साथ ही क्षेत्र में आतंक का राज खत्म हो गया। ट्रम्प ने आगे कहा, “कासिम सुलेमानी अमेरिकी राजनयिकों और सैन्यकर्मियों पर घातक हमलों की साजिश रच रहा था, लेकिन हमने उसे पकड़ लिया और मार गिराया।

अमेरिका ने सैन्य बेसों की सुरक्षा बढ़ाई, 3 हजार जवान भेजे
सुलेमानी की मौत से मध्य-पश्चिम एशियाई देशों के बीच अब वर्चस्व की नई जंग शुरू होगी। असर दिखने लगा है। अमेरिका ने खाड़ी देशों में मौजूद सैन्य बेसों की सुरक्षा बढ़ा दी है। इराक में 5 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, 750 को 2 दिन पहले ही भेजा था। अब 3 हजार सैनिक और भेजे जा रहे हैं। बगदाद एयरपोर्ट से सभी हवाई यात्राएं बंद हो गई हैं।

अमेरिका ने कैसे किया जनरल कासिम सुलेमानी पर हमला?

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