सरकार की लापरवाही ने एक और महिला की ली जान, झोलाछाप डॉक्टर चला रहे थे क्लिनिक, लापरवाह सो रहे थे सिविल सर्जन

प्रभात कुमार पांडेय की रिपोर्ट


धनबाद – झारखंड में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था नजर आ रही है, बीच-बीच में खासकर ग्रामीण इलाकों में गरीब मरीजों की जान इसलिए चली जाती है क्योंकि उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है।
सुदूर ग्रामीण इलाके में झोलाछाप डॉक्टर अपने आपको सबसे अच्छे डॉक्टर सिद्ध करने के चक्कर में अनेक मरीजों का जान ले बैठते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सिविल सर्जन उचित ध्यान नहीं देते हैं जिसके चलते झोलाछाप डॉक्टर भी डिग्री धारी अपने आप को बताते हुए गरीब लोगों से पेश आते हैं और ज्ञान के अभाव में मरीज का जान चली जाती है।ताजा मामला निरसा प्रखंड क्षेत्र का है, तेतुलिया मोड़ के समीप सेवा क्लिनिक एंड नर्सिंग होम नाम से एक अवैध अस्पताल चलाया जा रहा था जिसमें झोलाछाप डॉक्टर मरीज का इलाज करते नजर आते थे।मामला उस समय प्रकाश में आया जब बरैय गढ़ा की एक 22 वर्षीय प्रसूता अस्पताल में भर्ती हुई। उन्हें डराया गया कि सामान्य डिलीवरी नहीं हो सकती है इसलिए उसे आनंद-फानन में ऑपरेशन कर दिया गया।ऑपरेशन में गड़बड़ी हुई 1 घंटा के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी, देखने वाला कोई था कुछ नर्स के भरोसे ही महिला को छोड़ा गया था।कुछ समय पश्चात महिला की मृत्यु हो गई ग्रामीण लगातार हंगामा कर रहे हैं, वहीं जिले के स्वास्थ विभाग एडीएम नन्द किशोर गुप्ता से जब बात हुई तो उन्होंने जल्द ही करवाई की बात कही।

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