मुआवजा की आस में चार दशक से 456 विस्थापित परिवार बैठा अनिश्चितकालीन धरना पर।

ब्यूरो बिकास पांडेय

जमुई (बिहार)अपर क्युल जलाशय में विस्थापित किसानों को मुआवजा दो,गढ़ी डैम का मछली टेंडर रद्द करो,लुसीटॉड के पुनर्वसित किसानों को रोड,पानी और अस्पताल की गारंटी करो ,गढ़ी,हड़खार पंचायत के किसानों को लिफ्ट के द्वारा पानी का प्रबंध करो इत्यादि सवाल को लेकर

गढ़ी,देवलाटॉड,रोपावेल,जॉब, घसकोटॉड,लूसीटॉड,हड़खार, पनिया,बड़लीडीह,बरदोन्न, करीटॉड,डुमरिया टॉड से सैकड़ों की संख्या में किसानो ने जमुई कृष्ण सिंह स्टेडियम मैदान से मार्च करते हुए बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर मूर्ति के समकक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गया।धरना की अध्यक्षता मजदूर नेता बासुदेब रॉय ने किया वहीं धरना को सम्बोधित करते हुए भाकपा के युवा नेता सह बीस सूत्री सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा की खैरा प्रखंड के चर्चित अपर क्युल जलाशय का निर्माण 1980 के दशक में हुआ था जिसमे 456 किसानों से 3040 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था किसान दशकों से अपने जमीन के मुआवजा को लेकर दफ्तर का चक्कर काटते काटते पीढ़िया गुजर गया लेकिन आज तक उनको मुआवजा नही मिला आज भी किसान जलाशय के जमीन का मालगुजारी सरकार ले रही है किसानों का जमीन अपर क्युल जलाशय में चले जने और मुआवजा नही मिलने के बाद जब उस इलाके के हजारो किसान जलाशय से मछली मार कर अपना जीवन यापन कर है औऱ दूसरी तरफ जिला मत्स्य विभाग द्वारा अक्टूबर में सार्वजनिक अपर क्युल जलाशय को निजी ठेकेदार के हाथों में गिरमी रखना न्याय के साथ विकास की बात करना बैमानी है वही भाकपा के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने कहा कि अपर क्युल जलाशय के डूबा क्षेत्र के जमीन के किसानों

से अभी भी सरकार मालगुजारी लेता है ओर उन्ही किसानों को जलाशय से मछली मारने से रोकना। सरकार विस्थापित किसानों को मुआवजा दे ,अपर क्युल जलाशय का मछली टेंडर रद्द करे नही तो यह आंदोलन को और तेज करेंगे। वहीं अनिश्चित कालीन धरना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी एवं डीएसपी सतीश सुमन अनिश्चितकालीन पर बैठे किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें कम्बल का वितरण किया एवं उचित न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

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